अध्याय 5

बॉलरूम के एक कोने में खड़ी दादा-घड़ी ने सात बार घंटी बजाई—रात के खाने का वक़्त हो गया था।

कैरोलाइन भीड़-भाड़ के बीच से व्हीलचेयर धकेलती हुई आगे बढ़ी, और आइज़क का सूखा-सिकुड़ा हाथ आर्मरेस्ट पर टिका हुआ था।

मुख्य मेज़ पहले ही सलीके से सजी थी; चाँदी के ज़रीदार मेज़पोश क्रिस्टल झूमरों की नरम रोशनी में हल्के-हल्के चमक रहे थे।

आर्थर और हाइडी साथ-साथ पास आए। आर्थर के काले सूट पर शराब के दाग का नामोनिशान नहीं था, और हाइडी ने लोगन का हाथ थाम रखा था। उसका दूसरा हाथ बीच-बीच में आर्थर की टाई ठीक कर देता—उसका बर्ताव इतना अपनापन भरा था कि कोई उसे उसकी पत्नी ही समझ लेता।

“परदादा!” लैला छोटी-सी गोली की तरह आगे लपकी, व्हीलचेयर तक पहुँची और अपने नाज़ुक चेहरे से ऊपर देखकर बोली।

“मेरे पास ढेर सारी शुभकामनाएँ हैं जो मैंने अभी तक कही ही नहीं!” उसने गला साफ़ किया और अपनी मीठी आवाज़ में रटने लगी, “मैं परदादा को जन्मदिन की ढेर सारी बधाई देती हूँ, और दुआ करती हूँ कि आप हमेशा अच्छे स्वास्थ्य, खुशहाली और सुकून के साथ बहुत-बहुत साल जिएँ!”

लोगन भी तुरंत पीछे नहीं रहा, “मैंने फैमिली पोर्ट्रेट बनाया है! मैंने परदादा को अमर ऋषि जैसा बनाया है!”

आइज़क ठहाके मारकर हँस पड़े। खुशी से उनकी झुर्रियाँ और गहरी हो गईं। उन्होंने दोनों बच्चों के सिर थपथपाए और बार-बार कहा, “शाबाश, शाबाश।”

ठीक मौके पर हाइडी एक कटोरा सूप लेकर आगे बढ़ी। “मिस्टर आइज़क विंडसर, देखिए आप कितने भाग्यशाली हैं—लैला और लोगन कितने सुघड़ हैं, आर्थर कितना काबिल है। सचमुच, किसी की नज़र लग जाए।”

उसकी आवाज़ जितनी नरम थी, नज़र उतनी ही फिसलती हुई मेज़ पर बैठे वंशजों पर घूमी—और कैरोलाइन पर आकर पल भर को ठहर गई। “मेरे परिवार की तरह नहीं, वहाँ तो हमेशा इतनी ख़ामोशी और खालीपन रहता है।”

तुरंत आसपास सहमति की सरसराहट उठी। व्हाइट परिवार से घुली-मिली कुछ महिलाएँ सिर हिलाने लगीं। “हाइडी ठीक कह रही है। यही तो असली पारिवारिक खुशी है, मिस्टर आइज़क विंडसर।”

हाइडी हल्की-सी मुस्कान के साथ बैठ गई। उसकी आइवरी रंग की ड्रेस फर्श पर लहराती हुई फैल गई, और गार्डेनिया की हल्की-सी खुशबू पीछे रह गई।

अचानक, जैसे उसे कुछ याद आ गया हो, उसने दिखावटी चिंता के साथ कैरोलाइन की ओर देखा। “परिवार की बात निकली तो याद आया—कुछ दिन पहले मेरी सौतेली माँ से फोन पर बात हो रही थी, उन्होंने कैरोलाइन का ज़िक्र किया।”

कैरोलाइन की उँगलियाँ सूप के चम्मच पर कस गईं।

“मेरी सौतेली माँ ने कहा कि पिछले साल कैरोलाइन के जन्मदिन पर उन्होंने बहुत देर तक चुन-चुनकर एक ब्रेसलेट भेजा था, लेकिन वो वापस आ गया।”

हाइडी ने हल्की-सी आह भरी और अपने कप से चाय की एक छोटी घूँट ली।

“मैं जानती हूँ मेरी सौतेली माँ का दिल दुखा है। आख़िर कैरोलाइन उसकी सगी बेटी है—वो उसे कैसे न याद करे?”

हाइडी ने कैरोलाइन की तरफ देखा। “कैरोलाइन, तुम दोनों के बीच कोई गलतफहमी है क्या?”

उसके बोलते ही मेज़ पर कुछ पलों के लिए सन्नाटा छा गया।

कैरोलाइन ने नज़रें झुका लीं; उसकी लंबी पलकों की परछाइयाँ आँखों के नीचे पड़ गईं।

आठवें साल की देर-शरद में कैरोलाइन की माँ उसका हाथ पकड़कर व्हाइट परिवार की हवेली के दरवाज़े तक लाई थी। उसके सौतेले पिता, ओवेन व्हाइट, ड्रॉइंग रूम के सोफ़े पर बैठे थे—पलक तक उठाए बिना।

“इसे अंदर ले आओ। दरवाज़े पर खड़े-खड़े बदशक्ल मत लगो।”

उनकी आवाज़ बर्फ़ की सुई की तरह कैरोलाइन के दिल में चुभ गई।

हाइडी, गुलाबी प्रिंसेस फ्रॉक पहने, ओवेन की बाँह से चिपकी हुई मचलने लगी, “डैडी, ये हमारे साथ क्यों रहेगी?”

“अच्छी बच्ची बनो, हाइडी। अब से ये तुम्हारी बड़ी बहन है।”

कैरोलाइन की माँ चापलूसी भरी मुस्कान के साथ बोली थी।

उसके बाद के दिनों में हाइडी बड़ों के सामने हमेशा आज्ञाकारी, समझदार बच्ची बनी रहती, और जब कोई न देख रहा होता तो कैरोलाइन की किताबें उठाकर फूलों की क्यारियों में फेंक देती—या चुपके से उसके दूध में नमक मिला देती।

ओवेन हमेशा अपनी सगी बेटी का ही पक्ष लेता। जब कैरोलाइन ने जी-जान लगाकर पढ़ाई की और अपनी कक्षा में पहला स्थान पाया—बस इस उम्मीद में कि सौतेले पिता की नज़र में कुछ जगह बन जाएगी—तो उसे सिर्फ़ एक तिरस्कार भरा जवाब मिला, “पढ़ाई में अच्छा होने से क्या होता है?”

वो उस घर से, उस घुटन से—किसी और की छत के नीचे जीने के उस दमघोंटू एहसास से—कब की ऊब चुकी थी। आर्थर से शादी के बाद ही वह आखिरकार वहाँ से निकल पाई।

शादी के बाद उसने अपने पुराने परिवार से हर तरह का संपर्क पूरी तरह तोड़ दिया—अपने अतीत को जड़ से काट देने जैसा।

“मुझे तो इस बारे में ज़रा भी पता नहीं था,” पास बैठी एक महिला ने कहा। वह रूमाल से अपना मुँह ढककर, आँखें गड़ाए कैरोलाइन को परख रही थी।

“अपनी ही सगी माँ के दिए तोहफ़े लौटाना—कितना नालायकपन।”

दबी-दबी फुसफुसाहटें उसके कानों में मच्छरों की तरह भनभना रही थीं। कैरोलाइन की उँगलियों के जोड़ तनाव से सफ़ेद पड़ गए, और उसके गिलास पर पसीने की एक पतली परत जम गई।

वह साफ़ महसूस कर रही थी कि कितनी अजीब नज़रें उस पर टिकी हैं—घृणा, अटकलें और दूसरों के दुख में आनंद लेने वाली नज़रें।

जवाब देने के लिए शब्द उसकी जीभ तक आ गए, लेकिन समझदारी ने तुरंत उन्हें दबा दिया।

आज आइज़ैक का जन्मदिन था। अगर उसने सबके सामने हाइडी से बहस की, तो पूरे विंडसर परिवार की इज़्ज़त पर आँच आएगी।

तभी आइज़ैक ने अचानक गला साफ़ किया। उनकी बूढ़ी आवाज़ में ऐसा अधिकार था जिसे नकारा नहीं जा सकता। “खाना खाइए। ठंडा हो रहा है।”

फिर उन्होंने कहा, “आज खुशी का दिन है। ऐसी अप्रिय बातें मत कीजिए।”

उनके शब्दों के साथ ही मेज़ पर होती सरगोशियाँ एकदम थम गईं।

सबने अपने गिलास उठाए। “बिल्कुल! मिस्टर आइज़ैक विंडसर को स्वास्थ्य और दीर्घायु की शुभकामनाएँ!”

“चियर्स!”

क्रिस्टल के गिलास खनककर टकराए, और माहौल फिर से गर्म हो गया—मानो पिछली बात हुई ही न हो।

कैरोलाइन ने चुपचाप गुनगुने पानी का एक घूँट लिया। प्रतिष्ठित मेहमानों की चापलूसी उसके सिर में घूमने लगी।

दावत के बीच में कैरोलाइन ने बहाना किया और वॉशरूम के लिए निकल गई।

वह नक्काशीदार रेलिंग से टिक गई; उँगलियों के पोर ठंडे पड़ चुके थे। उसके फोन की स्क्रीन जली—एक अकादमिक कॉन्फ़्रेंस का शेड्यूल और एल्टन के भेजे कुछ दस्तावेज़।

[कॉन्फ़्रेंस में अभी समय है। जिन सालों में तुम दूर रही, इस क्षेत्र में बदलाव बहुत तेज़ी से हुए हैं।]

[ये कुछ ताज़ा रिसर्च-फ़ाइंडिंग्स और पेपर्स हैं—उम्मीद है, तुम्हें पकड़ बनाने में मदद करेंगे।]

वह जवाब देने ही वाली थी कि पीछे से ऊँची एड़ी की चप्पलों की टक-टक सुनाई दी।

“कैरोलाइन, चुपके से खिसकने की कोशिश?” हाइडी बाथरूम के दरवाज़े पर टिककर खड़ी थी, उसके लाल होंठों पर उपहास भरी मुस्कान थी। “मैं समझती हूँ। ऐसी महफ़िलें तुम्हारे लिए मुश्किल ही होती होंगी।”

कैरोलाइन ने उसे अनदेखा किया और जाने के लिए मुड़ गई।

“इतनी जल्दी क्या है।” हाइडी आगे बढ़कर रास्ता रोक गई और एक चमकीली लाल लिपस्टिक निकालकर मेकअप ठीक करने लगी।

उसकी आवाज़ धीमी हो गई, पर एकदम साफ़ सुनाई दे रही थी। “इतने लोगों से निपटने में तुम इतनी व्यस्त रही कि दादी की खबर लेने का समय ही नहीं मिला होगा।”

हाइडी ने लिपस्टिक बंद की; उसका तेज़ लाल रंग उसकी मौजूदगी को और भी हावी कर रहा था। “अभी अस्पताल से फोन आया था। उनका अस्थमा फिर से भड़क गया है। सुना है, इस बार काफ़ी गंभीर है।”

वह जान-बूझकर रुकी, कैरोलाइन के अचानक तन गए चेहरे को देखकर उसकी तसल्ली बढ़ती गई।

“अजीब नहीं है? तुमने तो मेडिकल स्कूल से पढ़ाई की है, है न? फिर अपनी ही दादी का इलाज भी नहीं कर सकतीं? वो डिग्रियाँ बस दिखावे के लिए थीं क्या?”

“या फिर दो बच्चों की देखभाल करते-करते तुम्हारी सारी काबिलियत ही भूल गई?”

कैरोलाइन ने शांति से नज़र उठाई; उसकी आँखों में ऐसे भाव थे जिन्हें पढ़ पाना मुश्किल था। “मेरे मामलों से तुम्हारा कोई लेना-देना नहीं।”

“मुझे बस अफ़सोस होता है,” हाइडी ने नकली पछतावे के साथ आह भरी।

“बेचारी बूढ़ी औरत अस्पताल के बिस्तर पर पड़ी है, और उसकी पोती अपना चेहरा तक नहीं दिखाती। मगर बात समझ में आती है। आर्थर तुम्हें पसंद नहीं करता, फिर भी बाहर की दुनिया में तुम उसकी पत्नी तो हो ही। फिर तुम्हें गरीब रिश्तेदार कहाँ याद आएँगे?”

“मैं अस्पताल का खर्च समय पर भेज दूँगी।” कैरोलाइन ने मुट्ठी भींच ली; उसके नाखून हथेली में गहरे धँस गए। उसे कब का ‘मिसेज़ विंडसर’ बने रहने से ऊब हो चुकी थी।

“बाकी सब के बारे में, मिस व्हाइट, आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं।”

यह कहकर वह हाइडी के पास से निकलती हुई सीधे गलियारे के आख़िर की ओर बढ़ गई।

उसका दिल उलझन और उदासी—दोनों से भरा था। यह प्यार-रहित शादी आखिर कब तक चल सकती थी?

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